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Friday, July 26, 2019

जीवन का संघर्ष

एक बार एक आदमी को अपने बगीचे में टहलते हुए किसी टहनी से लटकता हुआ एक तितली का कोकून दिखाई पड़ा ।।।

अब हर रोज़ वो आदमी उसे देखने लगा, 

और एक दिन उसने notice किया कि उस कोकून में एक छोटा सा छेद बन गया है. 

उस दिन वो वहीँ बैठ गया और घंटो उसे देखता रहा.

उसने देखा की तितली उस खोल से बाहर निकलने की बहुत कोशिश कर रही है ,

पर बहुत देर तक प्रयास करने के बाद भी वो उस छेद से नहीं निकल पायी ,

और फिर वो बिलकुल शांत हो गयी मानो उसने हार मान ली हो ।।।

इसलिए उस आदमी ने निश्चय किया कि वो उस तितली की मदद करेगा।।।

उसने एक कैंची उठायी और कोकून के द्वार को इतना बड़ा कर दिया की वो तितली आसानी से बाहर निकल सके,,

और यही हुआ
तितली बिना किसी और संघर्ष के आसानी से बाहर निकल आई,

पर उसका शरीर सूजा हुआ था,
और पंख सूखे हुए थे.

वो आदमी तितली को ये सोच कर देखता रहा कि वो किसी भी वक़्त अपने पंख फैला कर उड़ने लगेगी,

पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

इसके उलट बेचारी तितली कभी उड़ ही नहीं पाई और उसे अपनी बाकी की ज़िन्दगी इधर-उधर घिसटते हुए बीतानी पड़ी.

वो आदमी अपनी दया और जल्दबाजी में ये नहीं समझ पाया की दरअसल कोकून से निकलने की प्रक्रिया को प्रकृति ने इतना कठिन इसलिए बनाया है

ताकि ऐसा करने से तितली के शरीर में मौजूद तरल उसके पंखों में पहुच सके और  वो छेद से बाहर निकलते ही उड़ सके,,

वास्तव में कभी-कभी हमारे जीवन में संघर्ष ही वो चीज होती

जिसकी हमें सचमुच आवश्यकता होती है.

यदि हम बिना किसी संघर्ष के सब कुछ पाने लगे तो हम भी एक अपंग के सामान हो जायेंगे.

बिना परिश्रम और संघर्ष के हम कभी उतने मजबूत नहीं बन सकते जितना हमारी क्षमता है.

इसलिए जीवन में आने वाले कठिन पलों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखिये

वो आपको कुछ ऐसा सीखा जायंगे जो आपकी ज़िन्दगी की उड़ान को सम्भव बना पायेंगे ।।।

                  🙏💐💐सुप्रभात💐💐🙏

Thursday, July 25, 2019

जिन्दगी

अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी तो शाम होने दो,

मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो,,

मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना,

मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।

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उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो,

जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो,,

इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है,
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो,,

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ज़िंदगी में जो हम चाहते हैं
वो आसानी से नहीं मिलता,

लेकिन ज़िंदगी का एक सच यह भी है
कि जो हम चाहते वो आसान नहीं होता।

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ख़बर नहीं थी किसी को कहाँ कहाँ कोई है,

हर इक तरफ़ से सदा आ रही थी याँ कोई है,,

यहीं कहीं पे कोई शहर बस रहा था अभी,

तलाश कीजिये उसका अगर निशाँ कोई है,,

Wednesday, July 24, 2019

दुनियादारी

अंधेरा भी बुरा मानने लगा है अब तो चिराग जलाने से,

क्यूँ अपने पथ पर ही चलना बंद कर दूं डर के जमाने से,,

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सच्चाई भी गले तक आकर रुकने लगी है अब तो,

शायद हमें भी दुनियादारी की समझ होने लगी है ,,

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घमंड को जिसको अपनी ताकत है,

उससे जरा इतना सा पूछो कि

खुद की अर्थी उठा सकता है क्या ?

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भरोसा
लफ्ज़ छोटा सा है लेकिन,

साबित करने मे पुरी जिन्दगी कम पङ जाती है...

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हकिकत


किसीकी सलाह से रास्ते जरूर मिलते है,

पर मंजिल तो खुद की मेहनत से ही मिलती है !!

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जीवन का सबसे बड़ा गुरु वक्त होता है,

क्योंकि जो वक्त सिखाता है
वो कोई नहीं सिखा पाता !!

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इंसान के पास जब बहुत
रूपया हो जाता है,

तब इंसान बहुरूपिया हो जाता है !!

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कुछ लोगों की वास्तविकता का अंदाजा
लगाना बहोत कठिन है,

ये तो समय है जो एसे लोगों के नकाब
समय पर उतार देता है !!

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इस दुनिया में सच्चे इंसान को,

झूठे इंसान से ज्यादा
सफाई पेश करनी पड़ती है !!

Sunday, July 21, 2019

मुसाफिर

मुसाफिर कल भी था,

मुसाफिर आज भी हूँ;

कल अपनों की तलाश में था,

आज अपनी तलाश में हूँ।

न जाने कौन सी शोहरत

पर आदमी को नाज है,

जबकि आखरी सफर के लिए भी

आदमी औरों का मोहताज है