पर खुलासा मत होने देना,
मुस्कुरा देना पर
तमाशा मत होने देना,,
हर दर्द को
हर चौखट पर मत टाँक देना,
कुछ ज़ख़्म
सिर्फ़ दिल की अलमारी में अच्छे लगते हैं।
लोग पूछें तो कह देना—
सब ठीक है,
क्योंकि हर सच
हर किसी के काबिल नहीं होता।
मुस्कान अगर हथियार है,
तो उसे सलीके से चलाना सीखो,
कभी ढाल बनाओ,
कभी दीवार पर अपनी गरिमा
गिरवी मत रखना।
याद रखना,
खामोशी भी एक जवाब है,
और खुद की हिफ़ाज़त
सबसे बड़ी बहादुरी।
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