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Friday, January 16, 2026
मुझे धोखेबाज मत कहना...
दूरियाँ बढ़ा रही हैं
तुम्हारी हरकतें,
अब अगर साथ छूट जाए,
तो धोखेबाज़ मत कहना,
हर बार समझौता
मैं ही करूँ—
ये भी तो ज़रूरी नहीं।
कुछ रिश्ते
अचानक नहीं टूटते,
उन्हें तो
लापरवाही
धीरे-धीरे
खत्म करती है।
Wednesday, January 7, 2026
रूठना मनाना
केवल इतना ही
रूठना अपनों से,
आपकी बात और
सामने वाले की इज्जत
दोनों ही बरकरार रहे,,
इस लेख से हमें यह सीख मिलती है कि
रूठना गलत नहीं है,
लेकिन तमीज़ से रूठना
एक कला है।
हर बात पर ताना देना
बार-बार अपमान करना
या बात को तमाशा बनाना
ये सब रिश्तों को नहीं,
इज्जत को नुकसान पहुँचाते हैं।
समझदारी इसमें है
कि अपनी बात भी कही जाए
और सामने वाले का मान भी बना रहे।
✍️ निष्कर्ष (Conclusion) :
रिश्ते आवाज़ से नहीं,
सम्मान से चलते हैं।
अगर रूठना पड़े,
तो इतना ही रूठिए
कि सुलह की गुंजाइश
हमेशा ज़िंदा रहे।
Monday, December 29, 2025
बाप की चप्पल
दर पर पड़ी
बाप की चप्पल,
यह भी एक अलग ही
गुरुर है,,
स्वार्थ
स्वार्थ
आज लोग मौत पर
भी इसलिए जाते हैं,
कि लोग कल उनकी
मौत पर भी आयें,,
Friday, December 26, 2025
सबकुछ
हमने तो आपको
अपना सबकुछ माना,
पर अफसोस सबको
सबकुछ कहां मिलता है,,
Monday, December 22, 2025
लाजवाब रिश्ते
रिश्ते लाजवाब
बनेंगे
बशर्तें है,
अहसान से नहीं
एहसास से बनाओ,,
अपने पराए
बहुत दूर तक
जाना पड़ता है,
यह जानने के लिए
की नजदीक कौन है,,
Sunday, December 21, 2025
अजनबी रहो
अजनबी बना
रहना ही ठीक है,
जानकार लोग
बहुत तकलीफ देते हैं,,
Friday, December 19, 2025
बातें इंसान से ज्यादा कीमती
यह वह दौर है जनाब
जहां लोग
बातों को पड़कर
इंसान को छोड़ देते हैं,,
बस यही तक
रिश्ते में धोखा
देने की बजाय,
पसंद ना आए तो,
पूर्ण विराम देना बेहतर है,,
Thursday, December 18, 2025
यकीन क्यों
यकीन कीजिए जनाब
यकीन ने हीं मारा है
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