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Thursday, January 29, 2026

तुम मुस्कुरा देना,,,

माना कि गम बहुत है
पर खुलासा मत होने देना,

मुस्कुरा देना पर
तमाशा मत होने देना,,





हर दर्द को
हर चौखट पर मत टाँक देना,

कुछ ज़ख़्म
सिर्फ़ दिल की अलमारी में अच्छे लगते हैं।

लोग पूछें तो कह देना—
सब ठीक है,
क्योंकि हर सच
हर किसी के काबिल नहीं होता।

मुस्कान अगर हथियार है,
तो उसे सलीके से चलाना सीखो,
कभी ढाल बनाओ,

कभी दीवार पर अपनी गरिमा 
गिरवी मत रखना।

याद रखना,
खामोशी भी एक जवाब है,
और खुद की हिफ़ाज़त
सबसे बड़ी बहादुरी।


Friday, January 23, 2026

सबको बराबर समझने की गलती…

हम तो नंगे पैर दौड़ रहे थे
जिनके लिए,

हम जरूरत पड़ी तो
उनकी तबीयत खराब हो गई…





हमेशा सबको बराबर मत समझो,
कुछ लोग साथ सिर्फ
अपनी सुविधा तक चलते हैं।
जब वक्त बदलता है,
तो रिश्तों की असलियत भी बदल जाती है।

खुद के लिए दौड़ना सीखो,
वरना थक जाओगे… 🖤

Wednesday, January 21, 2026

चेहरे की मुस्कान

हर बार इश्क ही 
नहीं होता है उदासी
की वजह,

कुछ घर के मसले भी
चेहरे की मुस्कान 
छीन लेते हैं,,

Monday, January 19, 2026

रात • सन्नाटा • अंदर का सच

रात के सन्नाटे में वही
सच सबसे तेज चिल्लाता है,

जिसको मन तो जानता है
पर शब्द नहीं जानते हैं,,


दिनभर की भीड़ में जो दबा रहता है,
वही खामोशी में सवाल बनकर उभरता है।

कभी-कभी जवाब बाहर नहीं,
बस भीतर स्वीकार होने का इंतज़ार करते हैं,,



Sunday, January 18, 2026

वफादारी

वफादारी 😀 

जब विकल्प हो तो 
कपड़े पसंद करना 
तक मुश्किल हो जाता है.


आज की ज़िंदगी विकल्पों से भरी हुई है।

हर कदम पर नए ऑप्शन,
हर रिश्ते में तुलना,
हर फैसले में कन्फ्यूजन।


इतने विकल्प हो गए हैं कि
अब इंसान सही और 
आसान के फर्क में उलझ जाता है।

कभी गौर किया है—
जब कपड़े खरीदते वक्त भी 
हम सोच में पड़ जाते हैं,

तो फिर रिश्ते निभाना इतना 
आसान कैसे हो सकता है?


पहले वफादारी एक आदत थी,
आज वो सिर्फ एक 
ऑप्शन बन चुकी है।

और ऑप्शन का स्वभाव है—
बदल जाना।


लोग कहते हैं
“ऑप्शन होना आज़ादी है”

पर सच्चाई ये है कि
ज़्यादा विकल्प इंसान को 
अस्थिर बना देते हैं।

आज हम किसी के साथ हैं,
कल किसी और की 
संभावना देखते हैं।


वफादारी का मतलब
सबसे बेहतर ढूंढना नहीं,
बल्कि
एक को चुनकर 
ईमानदारी से निभाना है।


जो हर बार बेहतर की 
तलाश में रहता है,
वो अक्सर
सबसे सच्चा खो देता है।


इसलिए मेरे दोस्त,
जब ज़िंदगी तुम्हें 
बहुत सारे विकल्प दे—
तो थोड़ा रुकना,
दिल से सोचना,
और फिर एक को चुनकर 
उस पर टिक जाना।


क्योंकि
कपड़े बदले जा सकते हैं,
सोच बदली जा सकती है,
पर
किरदार बार-बार नहीं 
बदलना चाहिए।