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Friday, January 23, 2026

सबको बराबर समझने की गलती…

हम तो नंगे पैर दौड़ रहे थे
जिनके लिए,

हम जरूरत पड़ी तो
उनकी तबीयत खराब हो गई…





हमेशा सबको बराबर मत समझो,
कुछ लोग साथ सिर्फ
अपनी सुविधा तक चलते हैं।
जब वक्त बदलता है,
तो रिश्तों की असलियत भी बदल जाती है।

खुद के लिए दौड़ना सीखो,
वरना थक जाओगे… 🖤

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