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Saturday, January 10, 2026

किरदार इतना खूबसूरत बनाना मेरे दोस्त…

किरदार इतना खूबसूरत 
बनाना मेरे दोस्त,

कि लोग छोड़ तो पाए…
पर भुला नहीं पाए।





मैंने रिश्तों में कभी शोर नहीं किया,

बस जैसा था
वैसा ही निभाया।

शायद यही मेरी गलती थी,
या शायद यही मेरी पहचान।


कुछ लोग साथ इसलिए नहीं चले
क्योंकि उनके रास्ते बदल गए थे,
मेरे कदम नहीं।

मैं वहीं खड़ा रहा
अपने उसूलों के साथ,
और वो आगे बढ़ गए
अपनी सहूलियतों के साथ।

वक़्त बीतता गया,
नाम यादों में धुंधला नहीं पड़ा,
क्योंकि किरदार
हालात से नहीं
नीयत से बनता है।

आज जब कभी मेरा ज़िक्र आता है,
तो लोग खामोश हो जाते हैं।

शायद इसलिए नहीं
कि मैं परफेक्ट था,
बल्कि इसलिए
कि मैं नकली नहीं था।

और यही सच्चाई है—

किरदार अगर साफ़ हो,
तो लोग छोड़ सकते हैं,
मगर भुला नहीं पाते।

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