Labels

Friday, April 10, 2020

जिन्दगी

छोड़ दो मिलाना युं हर किसी से हाथ,

कहीं जिन्दगी हि ना छोड़ दें
जिन्दगी भर का साथ,, 


Please keep safe distance

Thursday, April 9, 2020

कोराना मे जिन्दगी की सीख

कोरोना ने इंसान को रोटी की अहमियत सीखा दी,
बेहिसाब फेंकने वाले अब हिसाब से खाने लगे !!

***************************************

कहीं भीड़ में खो गये थे हम,
एक वायरस हमें घर लौटा लाया !!

***************************************


अब तक सभी यही सोचते थे कि, 
पुलिस चौराहों पर कमाई के लिये खड़ी होती है ,

पुलिस तो आज भी  वहीं खड़ी है
जबकि सारे चौराहें सुनसान हो चुके हैं !!

***************************************

शहर की औकात बस इतनी सी निकली,
जब बात बिगड़ी तो गाँव याद आया !!

***************************************

अंत में यही कि.... 
बात बस सीधी सी है,
आप कुदरत का ख्याल रखोगे,
तो कुदरत आपका ख्याल रखेगी !!

***************************************

Monday, March 30, 2020

घर पर रहो (Stay at home 🏡 )

वक्त नाजुक है ,
संभल कर रहिये ,
ये युद्ध थोड़ा अलग है ,
अलग थलग रहकर लड़िये।

दुश्मन इतना सूक्ष्म है ,
जो दिखाई भी नहीं देता ,
हराने का अचूक अस्त्र ,
हर जगह साफ़ सफाई रखिये।

संकट भारी है ,
लेकिन गुजर जायेगा ,
संयम और धैर्य से ही ,
इस दुश्मन को हराया जायेगा।

खुद बचेंगे ,
दूसरे खुदबखुद बचेंगे ,
इस लड़ाई में अब ,
यत्र सर्वत्र सबका सहयोग चाहिये।
🙏🏻🌷घर मे ही रहे🌷🙏🏻

Sunday, March 29, 2020

तु नाराज तो है भगवान






तू नाराज तो है अपने इंसान से भगवान..

नहीं तो मंदिरों के दरवाजे बंद ना करता.. 

सज़ा दे रहा है कुदरत से खिलवाड़ की.. 

नहीं तो गुरुद्वारों से लंगर कभी ना उठता.. 

आज उन बारिश की बूंदों से संदेश मिला.. 

रोता तो तू भी है जब इंसान आंसू बहाता.. 

माफ़ करदे अपने बच्चों के हर गुनाह.. 
सब कहते हैं, तेरी मर्ज़ी के बिना तो

 पत्ता भी नहीं हिलता!!! 🍁👏🍁

मै ड्यूटी पर हुं ना,,,




कट रही है ज़िन्दगी, 
जैसे जी रहे वनवास में 
हम तो नर्सिंगकर्मी है, 
ड्यूटी करना हर हाल में। 

हम तडपते हैं ड्यूटी पर, 
परिवार चितिंत है गांव में,
जिंदगी मानो ठहर सी गई है, 
बेडी जकडी पाँव में। 

सब विभागो में छुट्टी हो गई, 
हॉस्पिटल ने पकडी रफ्तार, 
ताना मारकर लोग कहे, 
बैठा कर पैसा देती है सरकार। 

कमरो में राशन नही,
फिर भी ड्यूटी जाते है, 
सारी दुकाने बन्द हो जाती, 
जब हम वापस आते हैं। 

माँ बाप सिसककर पूछ रहे,
बेटा तुम कैसे खाते हो, 
जब पूरा देश बन्द है तो, 
तुम ड्यूटी क्यो जाते हो। 

यहाँ सब कुछ मिल रहा, 
झूठ बोलकर माँ को समझाते है, 
देश के लिये समर्पित जीवन, 
इसलिए ड्यूटी जाते हैं। 

हम तो नर्सिंगकर्मी हैं साहब, 
केवल अपनी ड्यूटी निभाते हैं