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Tuesday, December 30, 2025

फुर्सत

अब क्या बेचूं 
ऐ फुर्सत 
तुझे पाने को,

खुद तक को खर्च 
कर दिया जिम्मेदारियां 
निभाने में,,

समझदार की थकान

जो समझता है 
वह भी, 

समझ समझ कर 
थक जाता है,,


Monday, December 29, 2025

बाप की चप्पल

दर पर पड़ी 
बाप की चप्पल,

यह भी एक अलग ही 
गुरुर है,,

स्वार्थ

स्वार्थ 
आज लोग मौत पर 
भी इसलिए जाते हैं,

कि लोग कल उनकी 
मौत पर भी आयें,,


Sunday, December 28, 2025

मुझे भी बुरा लगा

जब मेरी बारी आयेगी
तब मैं उन सब को 
बताऊंगा कि,

कब, कहां और 
कितना बुरा लगा था,,