स्वार्थ आज लोग मौत पर
भी इसलिए जाते हैं,
कि लोग कल उनकी
मौत पर भी आयें,,
जब मेरी बारी आयेगी
तब मैं उन सब को
बताऊंगा कि,
कब, कहां और
कितना बुरा लगा था,,
कमाना शुरू किया तब पता चला,
लड़के देर तक
चाय की दुकानों
पर क्यों बैठते हैं,,
हमने तो आपको
अपना सबकुछ माना,
पर अफसोस सबको
सबकुछ कहां मिलता है,,
मनचाहा बोलना है तो,
अनचाहा
सुनने की ताकत पालो,,