कमाना शुरू किया तब पता चला,
लड़के देर तक
चाय की दुकानों
पर क्यों बैठते हैं,,
हमने तो आपको
अपना सबकुछ माना,
पर अफसोस सबको
सबकुछ कहां मिलता है,,
मनचाहा बोलना है तो,
अनचाहा
सुनने की ताकत पालो,,
धीरे-धीरे दुनियादारी
सीखी है हमने भी,
वरना पहले तो हर
कसम खाने वाला
सच्चा लगता था,,
मुस्कुरा रहे हो
तो बढ़िया है,
मसाला तो तब है
जब मुस्कुराना
पङ रहा है,