धीरे-धीरे दुनियादारी
सीखी है हमने भी,
वरना पहले तो हर
कसम खाने वाला
सच्चा लगता था,,
मुस्कुरा रहे हो
तो बढ़िया है,
मसाला तो तब है
जब मुस्कुराना
पङ रहा है,
नजदीकियां रखोजिंदगी का
क्या भरोसा,
कोई हमखास
चुपचाप चला गया
तो पश्चात ही
रह जाएगा,
कामयाबी तलब
से मिलती है लाला,
सोचने भर से सच
सपने कहां होते हैं,,
कभी सारा शहर
अपना था और
तुम अजनबी थे
जब तुम अपने हुए
तो शहर अजनबी हो गया,
अब ना तुम
अपने हो ना शहर
उसे मोड से शुरू
करनी है जिंदगी
जहां सारा शहर अपना
और तुम अजनबी थे,,