रिश्ते लाजवाब
बनेंगे
बशर्तें है,
अहसान से नहीं
एहसास से बनाओ,,
बहुत दूर तक जाना पड़ता है,
यह जानने के लिए
की नजदीक कौन है,,
मनचाहा बोलने के लिए
अनचाहा सुनने की ,
ताकत अवश्य होनी चाहिए,,
मुझे गिराने वालों
आपका भी शुक्रिया,,
आपकी वजह से
मैंने संभालना
सीख लिया,,
अजनबी बना रहना ही ठीक है,
जानकार लोग
बहुत तकलीफ देते हैं,,