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Sunday, December 21, 2025

बोलना और सुनना


मनचाहा बोलने के लिए 
अनचाहा सुनने की ,

ताकत अवश्य होनी चाहिए,,

आपका भी शुक्रिया

मुझे गिराने वालों 
आपका भी शुक्रिया,,

आपकी वजह से
मैंने संभालना
सीख‌ लिया,,

अजनबी रहो

अजनबी बना 
रहना ही ठीक है,

जानकार लोग 
बहुत तकलीफ देते हैं,,

Saturday, December 20, 2025

खोने का डर

तुझे बूंद सा 
ना पाकर भी, 

समंदर सा खोने का 
डर क्यों लगा रहता है,,

खामोशियां

खामोश रहना भी 
वही सीखते हैं,

जिससे सबसे 
ज्यादा बातें की है,,