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Wednesday, December 17, 2025

नई शुरुआत

चल फिर से 
शुरू से शुरू करते हैं, 

चल फिर से 
मैं तुझे मेरा नाम बताता हूं,,

Tuesday, December 16, 2025

देर हो गई

हवा ने मांगी थी 
माफी पर,
तब तक सारे पत्ते 
गिर चुके थे,,

उम्र भर की यादें

यह मशीनी दौर है जनाब 
यहां पल भर में, 

उम्र भर की यादें 
डिलीट कर दी जाती है,,


चाय है शराब नहीं

उड़ने दो इन अफवाहों को 
यह खराब थोड़ी ही है,

पीते रहो चाय 
चाय है शराब थोड़ी है,,

कड़वी बात

कौन ज्यादा बेबस है 

किनारा जो चल नहीं सकता,
या लहर जो रुक नहीं सकती,,