इंसान नहीं बोलता
उसके दिन बोलते हैं,
जब दिन बोलते हैं
इंसान लाख बोले
उसकी कोई नहीं सुनता,,
संभाल कर
रखी हुई चीज
और
ध्यान से
सुनी हुई बात,
कभी ना कभी
काम आ ही जाती है,,
अच्छे
निर्णय लेना
अनुभव
से आता है,
और बुरे अनुभव
निर्णय लेने से आता
है,,
खोखला करते रहे
लगातार दीमक उसे,
लकड़ी भ्रम में रही
की लगाव ज्यादा है,,
मित्र
के साथ
दुख
आधा
और
सुख दो गुना
हो जाता है