Labels

Wednesday, January 20, 2021

आज का इन्सान

मोबाइल पर ऑनलाइन आते आते,

इन्सान इन्सानियत से ही 
ऑफलाइन होता जा रहा है,,

Sunday, January 17, 2021

अपने

दरवाजा छोटा ही रहने दो
अपने मकान का,

 
जो झुक के आ गया
समझो वही अपना है



Thursday, January 7, 2021

गलती याद रखते हैं

आप किसी का लाख अच्छा कर लो 
और बस एक गलती कर दो, 

लोग फिर वो गलती याद रखते हैं 
अच्छाइयां भूल जाते हैं,, 



Wednesday, January 6, 2021

जीत

जीत खङी है हर 
मुसीबत के आगे, 

पर वो कैसे जीत पायेगा 
जो मुसीबत से ही भागे...Dj 

Tuesday, January 5, 2021

राहत इंदौरी

उसकी कत्थई आँखों मे हैं, जंतर वंतर सब 
चाकू वाकू,  छुरियां वुरियां, खंज़र वंजर सब

जिस दिन से तुम रुठीं,  मुझ से, रूठे रूठे हैं 
चादर वदार,  तकिया वकिया, बिस्तर विस्तर सब

मुझसे बिछड़ कर,  वह भी कहाँ अब पहले जैसी है
फीके पड़ गए,  कपडे वपड़े, ज़ेवर वेवर सब

जाने मै किस दिन डूबूँगा, फिक्रें करते हैं
दरिया वरिया,  कश्ती वस्ती, लंगर वंगर सब

इश्क़ विश्क के सारे नुस्खे, मुझसे सीखते हैं
सागर वागर, मंजर वंजर, जौहर वोहर सब

तुलसी ने जो लिखा अब कुछ बदला बदला है 
रावण वावन,  लंका वंका, बन्दर वंदर सब.. 

---------  राहत इंदौरी