एक शहर में एक बहुत ही गरीब परिवार रहता था,
उस परिवार में एक अधेङ आदमी, उसकी पत्नी और उसका एक लड़का था..।
गरीबी इस हद तक थी
कि सुबह का खाना मिलता तो शाम को भूखा सोना पड़ता था
और
कभी शाम को मिलता तो सुबह भूखा रहना पड़ता था।।।
बारिश का मौसम था बारिश बहुत तेज हो रही थी
जो घर की छत से टपक रही पानी की बूंदों से पता चल रहा था
क्योंकि घर की छत जगह जगह से टूटी हुई थी और टिन और चदर से बनी हुई थी।।
जो घर की छत से टपक रही पानी की बूंदों से पता चल रहा था
क्योंकि घर की छत जगह जगह से टूटी हुई थी और टिन और चदर से बनी हुई थी।।
घर में भीगने के लिए इतना कुछ तो था नहीं पर वह तीनों तो जरूर थोड़े-थोड़े भिग रहे थे।।।
बारिश में भीगने की वजह से उसके लड़के की तबीयत बिगड़ने लगी थी।।
पिता बोला कि मैं कुछ खाने के लिए लेकर आता हूँ शायद भूख से ज्यादा कमजोर हो गया है
इतना कहकर पिता बाहर निकला और पास ही की एक किराना की दुकान पर पहुंचा
वहां से उसने दो बिस्किट के पैकेट लिये और वहीं डस्टबिन में पड़ा एक बिस्किट का खाली पैकेट भी हाथ में में उठा लिया।।।
इतना कहकर पिता बाहर निकला और पास ही की एक किराना की दुकान पर पहुंचा
वहां से उसने दो बिस्किट के पैकेट लिये और वहीं डस्टबिन में पड़ा एक बिस्किट का खाली पैकेट भी हाथ में में उठा लिया।।।
वापस घर पहुंचकर पत्नी से बोला यह लोग एक-एक तुम भी खा लो मैंने तो रास्ते में आते-आते खा लिया था वो भूख ज्यादा लगी और अपना मुंह ऐसे ही हिलाने लगा जैसे कुछ खा रहा हो और वह खाली बिस्किट का पैकेट कोने में फेंक दिया ।।।
मां ने एक बिस्किट का पैकेट खोला और पानी में भिगो भिगो कर अपने बच्चे को खिलाया।।।
और थोड़ा सा बिस्किट अपने होठों पर रख लिया जिससे लगे कि इसने भी खा लिया हो
और थोड़ा सा बिस्किट अपने होठों पर रख लिया जिससे लगे कि इसने भी खा लिया हो
इलाज के लिए इतने पैसै तो थे नहीं
इसलिए घरेलू उपचार करने लगे
इसलिए घरेलू उपचार करने लगे
लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ और
तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी थी
तो दोनों पति पत्नी एक दूसरे की आंखों में बिना कुछ बोले देख रहे थे और अपने आप को कोस रहे थे
तो मां से रहा नहीं गया और अपने पति से बोली कि सुनिए ना बच्चे की तबीयत बहुत बिगड़ गई है किसी डॉक्टर को दिखाने क्यों नहीं लेकर जाते।
इतना सुनते ही उसका पति मायूस होकर बोला अरे पगली मैं भी बहुत चाहता हूं कि बच्चे को डॉक्टर को दिखाओ लेकिन इतने पैसे कहां हैं अपने पास।।।
तो पत्नी अपने पति से बोली कि सुना है सरकारी अस्पतालों में इलाज बिना पैसे की भी किया जाता है तो क्यों ना हम अपने बच्चे को किसी सरकारी अस्पताल में यह लेकर चले।
अस्पताल थोड़ा दूर था
और रिक्शा या गाड़ी करने के पैसे थे नहीं इसलिए उस पिता ने अपने बेटे का भार अपने कंधों पर लिया और और लड़के की मां ने एक पुराना फटा थेला लिया जिसमें एक पानी की बोतल और एक फटी पुरानी चादर के अलावा और कुछ नहीं था।।।
वह दोनो अस्पताल की ओर चल पड़े
उन कमजोर कंधों में इतनी शक्ति कहां थी कि कि बिना रुके अस्पताल पहुंचे इसके लिए कभी पिता के कंधों पर कभी मां के कंधों पर बच्चे का भार ढोते हुए और यह सोचते हुए अस्पताल पहुंचे कि डॉक्टर कोई एक दो दवाई या फिर इंजेक्शन लगा कर ठीक कर देंगे।
वहां जाकर पता चला कि दिखाने से पहले ₹5 की रसीद कटवानी पड़ती है उसके बाद ही दिखा सकते हैं
तो उन्होंने जैसे-तैसे करके ₹5 में रसीद कटवाई और डॉक्टर का इंतजार करने लगे!!!
तो उन्होंने जैसे-तैसे करके ₹5 में रसीद कटवाई और डॉक्टर का इंतजार करने लगे!!!
थोड़ी देर बाद में डॉक्टर आए और
उसके कुछ ही समय बाद उनका भी नंबर आया
उसके कुछ ही समय बाद उनका भी नंबर आया
डॉक्टर ने पूछा कि क्या हुआ बाहर का कुछ खाया क्या,
या कहीं बाहर बारिश में भीग गया ???
या कहीं बाहर बारिश में भीग गया ???
तो वह बूढ़े पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े और बोला डॉक्टर साहब बाहर कहीं नहीं भीगा साहब यह तो बस घर के अंदर ही भिगा था,
और इसने बाहर तो क्या अंदर भी एक-दो दिन से ज्यादा कुछ नहीं खाया ।।।
और इसने बाहर तो क्या अंदर भी एक-दो दिन से ज्यादा कुछ नहीं खाया ।।।
इतना कहते कहते हो बाप आंखों से आंसू छलक पड़े इसके साथ ही पास ही में खड़ी वह मां भी सिसकियां भरने लगी
डॉक्टर ने जांच करके बोला कि इसकी तकलीफ थोड़ी ज्यादा है इसके लिए आपको दो-तीन दिन यहीं पर भर्ती होना पड़ेगा
यह सब बातें उनके पास खड़ा।।
( यह सब बातें उनके पास खङा सज्जन पुरुष शांति से सुन रहा था और अपने आप को चिंतित महसूस कर रहा था)
डॉक्टर ने सांत्वना देते हुए बोला कि आप चिंता ना करें यहां पर आपके बच्चे का इलाज मुफ्त में किया जाएगा पर आपको इसकी खाने-पीने का इंतजाम करना पड़ेगा
तो पास में खड़ी मां बोली डॉक्टर साहब अगर खाने-पीने का इंतजाम कर पाते तो मेरा बच्चा आज बीमार थोड़ी ना पड़ता ( बोलते बोलते हो उसकी सिसकियां तेज होने लगी वह आंखों से बिना बादल बरसात होने लगी)
पिता हाथ जोड़कर आंखों में आंसू लिए बोला डॉक्टर साहब ऐसा कोई इलाज करो ना कि यहा रहना ना पड़े.
तब डॉक्टर बोला कि अगर आपने इसको एक-दो दिन यहा नहीं रखा तो भगवान ना करें इसकी तकलिफ ज्यादा बढ सकती है
इतना सुनते ही मां-बाप के पैरों तले जैसे जमीन खिसक गई हो
उन्होंने डॉक्टर साहब को बीच में ही रोकते हुए बोला डॉक्टर साहब यही तो बस एक जीने की आशा है हम यहां रुकेंगे ।।।
उन्होंने डॉक्टर साहब को बीच में ही रोकते हुए बोला डॉक्टर साहब यही तो बस एक जीने की आशा है हम यहां रुकेंगे ।।।
डॉक्टर ने इलाज चालू किया मां-बाप से बोला कि अब आप बच्चे के खाने के लिए कुछ दे सकते हैं।
तब लड़के के माता-पिता एक दूसरे को देखने लगे जैसे कोई मुसीबत आ गई हो ।।
मां बोली आप चिंता ना करें मेरे पास वह आपके लाये हुए बिस्किट के पैकेट अभी भी है है ।।।
तो लड़के का पिता बोलो लेकिन वह तो तुमने खा ली थी तभी अचानक अपने आप को समझाते हुए रुक गया और आंखों में आंसू छलक गये!!!
लड़के की मां ने उसको पानी में डुबोकर अपने बच्चे को खिलाने लगी।।।
तभी एक सज्जन पुरुष हाथ में एक थैला लिए उनके पास आकर बोला
अगर आप बुरा नहीं मानो तो मैं आपसे एक बात कहना चाहता हूं मैं यह थोड़ा बहुत कुछ खाना लेकर कुछ थोड़ा बहुत कुछ खाना लेकर कुछ खाना लेकर आया हूं आप कृपा करके इसको इसको स्वीकार करें मेरे ऊपर भगवान के चढ़े हुए एहसानों उतारने मदद करे ।।।
तो लड़के का पिता बोला कैसे एहसान ।।।
तो सज्जन पुरुष हाथ जोड़ कर बोलो कि मेरे को जो भी धन दौलत भगवान ने दी है वह मेरे ऊपर एक एहसान ही है
और मैं चाहता हूं कि मैं किसी जरूरतमंद की सहायता करके अपना यह एहसान उतारना चाहता हूँ।
लड़के का पिता अपने दिल पर पत्थर रखकर भगवान को हाथ जोड़ते हुए आंखों में आंसू लिए उस सज्जन से वह भोजन स्वीकार किया
( क्योंकि लड़के का पिता एक खुद्दार इंसान था लेकिन वह अपने बच्चे को बचाने के लिए मजबूर भी था)
इसी तरह जब तक उस बच्चे का इलाज चला तब तक वह सज्जन पुरुष उनको खाना पहुंचाता था ।।।
जब अंतिम दिन बच्चे की तबीयत में सुधार हो गया तो वह सज्जन लड़के के पिता के पास आया और बोला अगर आपको एतबार ना हो तो मैं एक बात बोलना चाहता हूं।।।
लड़के का पिता बोला आपका बहुत बड़ा एहसान है हमारे ऊपर आप जरूर बताएं हम आपके लिए क्या कर सकते हैं हमें खुशी होगी ।।।
तो सज्जन पुरुष लड़के के पिता से बोला मेरे को अपने बाग में एक माली की जरूरत है आप चाहो तो आप यह काम कर सकते हैं
लड़के के पिता से आंसुओं की नदी बहने लगी हो उसके सामने हाथ जोड़कर बोला कि यह मेरे परिवार पर आपका बहुत बड़ा एहसान होगा
इस तरह से लड़के के पिता ने उस सज्जन के वहां माली का काम शुरु कर दिया और उनकी जिंदगी में सुधार हुआ और उसके परिवार को समय पर खाना मिलने लगा ।।।
मित्रों आपसे भी विनती है कि आप भी जितनी हो सके बिना मांगे किसी गरीब की मदद कर दिया करो
क्योंकि...।।
यह गरीबी अगर बाजार में मिलती तो सब उठा लाते,
खुशी पाने का जरिया सिर्फ पैसा हो नहीं सकता।।
खुशी पाने का जरिया सिर्फ पैसा हो नहीं सकता।।
कभी कर दिया करो मदद किसी गरीब जरूरतमंद की
क्योंकि हर किसी खुद्दार के हाथ में काशा(भिक्षापात्र) हो नहीं सकता!!!



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