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Tuesday, July 2, 2019

जीवन की सच्चाई

एक बार एक बूढ़ा व्यापारी था

उसकी सेहत अच्छी नहीं रहती थी
इसके लिए उसने अपनी जायदाद अपने बेटे के नाम करने का फैसला किया ।

उसने अपने बेटे को अपने पास बुलाया,
और वसीयत के पेपर सौंपते हुए बोला,
कि मेरी आखिरी इच्छा जरूर पूरी करना ।।।

जब मैं मर जाऊं और मेरे को श्मशान के लिए ले जाया जाए,
तब तुम मेरे वह पुरानी फटी बनियान मुझे पहना कर लेकर चलना.

तो पुत्र बोला

कि पिताश्री मैं आपको फटी हुई क्यों नई बनियान लाके पहना दूंगा।।।

पर पिता बोला नहीं मेरे पुत्र मेरे को वहीं  मेरी फटी बनियान पहनाना

तो पुत्र बोला कि ठीक है पिता जी जैसी आपकी इच्छा।।

कुछ दिनों पश्चात उस बूढ़े व्यापारी का निधन हो गया
और जब उसको श्मशान ले जाने से पहले नहलाया गया,

तो उसके पुत्र ने बोला

कि हे सज्जनों,
मेरे पिताजी की आखिरी इच्छा है और
मैं मेरे पिताजी कि वह आखिरी इच्छा पूरी करना चाहता हूं ।।।

तो वहां उपस्थित लोगों ने पूछा कि तुम्हारे पिताजी की आखिरी इच्छा क्या है

तो वह बोला कि मेरे पिताजी चाहते थे कि उनकी फटी हुई बनियान उनको बनाया जाए।।।

तो वहां उपस्थित लोगों ने मना करते हुए बोले
कि मरे हुए इंसान को को कोई भी वस्त्र धारण करने की इजाजत नहीं है उसको सिर्फ एक सफेद वस्त्र में ही ले  जाएगा

लेकिन पुत्र को अपने पिता की इच्छा पूरी करनी थी इसके लिए बहस पर उतर आया।

थोड़ी ही देर में पूरे शहर में यह चर्चा होने लग गई और बड़े बड़े माननीय पंडित और धर्मगुरुओं की वहां उपस्थित हो गए ।।।

सब मिलकर उस पुत्र को समझाने लगे।।

तभी एक बुजुर्ग जो उसके पिता का मित्र था
एक कागज हाथ में लेकर आया और बोला

कि यह कागज तुम्हारे पिता ने मेरे को दिया था और बोला कि जब ऐसी स्थिति हो जाए तो मेरे पुत्र को यह जरूर दे देना ।।।

पुत्र ने कागज पढा तो उसमें लिखा था,

कि देखा ना पुत्र

यह दुनिया मेरे को मेरे साथ एक मेरी फटी बनियान भी नहीं ले जाने देते,,,

मैंने मेरी पूरी जिंदगी बिता कर जो इतना इतनी धन दौलत बंगला गाड़ी पैसा कमाया है वो सभी मेरे किसी काम का नहीं है ।।।

यही लोग मेरे साथ आएंगे जिनके साथ मैंने अच्छा आचरण किया है और यही मेरे अंत तक मेरा साथ निभाएंगे ।।

इसलिए

है मेरे पुत्र
कभी भी किसी भी इंसान के साथ बुरा आचरण मत करना
जितना हो सके उसकी मदद करना
जिंदगी में पैसा कुछ नहीं होता
इंसान ही इंसान के काम आता है
इसलिए जितना हो सके उतना इंसान कमाना

क्योंकि सभी धन दौलत यहीं रह जाती है और इंसान को केवल उसी एक सफेद वस्त्र में जाना पड़ता है

यही मेरी आखिरी सीख है और मेरी आखिरी इच्छा भी

मैं आशा करता हूं कि तुम मेरी आखिरी इच्छा जरूर पूरी करेगा

तो उत्तर की आंखों से आंसू बहने लगे और वह अपने पिता के चरणों में  बैठकर रोने लगा

तो वहां उपस्थित सभी लोगों ने पूछा कि क्या हुआ तो उसने उस सारी बात बताई तब सब लोगों ने कहा कि

यही इस जीवन की सच्चाई है

इसीलिए मेरे मित्रों जितना हो सके इंसान कमाओ पैसा साथ में नहीं चलता।।।

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