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Thursday, June 27, 2019

यादें

1)
*चौराहे पर चाय वाले ने हाथ में गिलास थमाते हुए पूछा......*

*"चाय के साथ क्या लोगे साहब"?*

*ज़ुबाँ पे लब्ज आते आते रह गए*

*"पुराने यार मिलेंगे क्या"???*


2)

*जिम्मेदारियां मजबूर कर देती हैं अपना शहर छोड़ने को*

*"वरना कौन अपनी गली मे जीना नहीं चाहता....."*

*_हसरतें आज भी खत लिखती हैं मुझे, पर मैं अब पुराने पते पर नहीं रहता ..._*  ✍

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