1)
अल्फाजो का अहम् किरदार रहा है दूरियां बढाने में,
कभी वो समझा न पाए, कभी हम समझा न पाए !!
2)
मेरे मौन रहने पर मुझे कभी भी अफसोस नहीं हुआ
पर
मेरे अल्फाजों पर बहुत बार अफसोस हौता है
3)
शायद इसीलिए कुदरत में हड्डी नहीं दी जबान मे...
क्योंकि उसको पसंद नहीं है कङकपन बयान मे..।
4)
मत करन बयान दूसरों की कमजोरी पर अपनी जबान से,,,
क्योंकि कमजोरी तुझ में भी है
और सहन नहीं कर पाओगे यही बयान दूसरों की जबान से...
5)
कुछ नया सीखना है तो
दूसरों को सुनना सीखो
इससे आप कुछ नया सीखोग
और
अगर आप अकेले ही बोलते रहे
तो आपको जो पता है
आप वही बतलाओगे
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