ज़िंदगी देती नहीं सबको सुनहरे मौके,
तुझको अंगूठी मिली है तो नगीना बन जा !!
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ज्यादा शब्द नहीं मेरे पास जिंदगी को लुभाने के लिए,
हम तो जी रहे है बस जिंदगी को आजमाने के लिए !!
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मेहनत करते थकता नहीं मजदूर का बदन,
और वो अमीर नोट भी गिनते है तो मशीन लगाकर !!
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होने दो मेरी जिंदगी का भी तमाशा,
मैंने भी बहुत तालिया बजायी थी
सर्कस में शेर के नाचने पर !!
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फैसले से पहेले कैसे मान लूं हार क्योंकी,
वक्त अभी जीता नहीं और मैं अभी हारा नहीं !!
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