हे बेटी,
निर्बल नहीं तुम निराली हो,
हर घर की तुम दिवाली हो!
दिल झूम उठता है तुझे देखकर,
तुम बसंती हवा मतवाली हो!!
तुम आन बान की निशानी हो,
एक अनसुलझी सी कहानी हो!
तंज ताने सहज सुन लेती हो,
तुम इस रण में झांसी की रानी हो!!
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कवियो के बोल
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