अच्छे वक्त में सबसे
ज्यादा बोलने वाले,
बुरे वक्त में चुपचाप
खो जाते हैं,,
नाराजगी नहीं थी
बस बात यह थी कि,
उसका रूठने का मूड था
और मेरा चुप रहने का,,
लोग खुले दरवाजों के बजाय,
दरारों से झांकना
पसंद करते हैं,,
और कितना संवारू तुझे यह ऐ जिंदगी,
जितना संवारता हूं
उतना ही बिखरती हो,,
माना पैसा सब कुछ नहीं होता है,
पर यकीन मानो
पैसा बहुत कुछ
होता है,,