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Thursday, December 25, 2025

मनचाहा बोलना

मनचाहा 
बोलना‌ है तो,

अनचाहा 
सुनने की ताकत पालो,,


दुनियादारी

धीरे-धीरे दुनियादारी 
सीखी है हमने भी,

वरना पहले तो हर 
कसम खाने वाला 
सच्चा लगता था,,

मुस्कुराना पड़ रहा है


मुस्कुरा रहे हो 
तो बढ़िया है,

मसाला तो तब है 
जब मुस्कुराना 
पङ रहा है,


Wednesday, December 24, 2025

नजदीकियां

नजदीकियां रखो
जिंदगी का 
क्या भरोसा, 

कोई हमखास 
चुपचाप चला गया 
तो पश्चात ही 
रह जाएगा,

Tuesday, December 23, 2025

कामयाबी की तलब

कामयाबी तलब 
से मिलती है लाला,

सोचने भर से सच 
सपने कहां होते हैं,,