नजदीकियां रखोजिंदगी का
क्या भरोसा,
कोई हमखास
चुपचाप चला गया
तो पश्चात ही
रह जाएगा,
कामयाबी तलब
से मिलती है लाला,
सोचने भर से सच
सपने कहां होते हैं,,
कभी सारा शहर
अपना था और
तुम अजनबी थे
जब तुम अपने हुए
तो शहर अजनबी हो गया,
अब ना तुम
अपने हो ना शहर
उसे मोड से शुरू
करनी है जिंदगी
जहां सारा शहर अपना
और तुम अजनबी थे,,
रिश्ते लाजवाब
बनेंगे
बशर्तें है,
अहसान से नहीं
एहसास से बनाओ,,
बहुत दूर तक जाना पड़ता है,
यह जानने के लिए
की नजदीक कौन है,,