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Tuesday, December 23, 2025

कामयाबी की तलब

कामयाबी तलब 
से मिलती है लाला,

सोचने भर से सच 
सपने कहां होते हैं,,



अजनबी तुम और अजनबी शहर

कभी सारा शहर 
अपना था और 
तुम अजनबी थे

जब तुम अपने हुए
तो शहर अजनबी हो गया,

अब ना तुम 
अपने हो ना शहर

उसे मोड से शुरू 
करनी है जिंदगी

जहां सारा शहर अपना 
 और तुम अजनबी थे,,

Monday, December 22, 2025

लाजवाब रिश्ते


रिश्ते लाजवाब 
बनेंगे 
बशर्तें है,

अहसान से नहीं 
एहसास से बनाओ,,


अपने पराए

बहुत दूर तक 
जाना पड़ता है, 

यह जानने के लिए 
की नजदीक कौन है,,




Sunday, December 21, 2025

बोलना और सुनना


मनचाहा बोलने के लिए 
अनचाहा सुनने की ,

ताकत अवश्य होनी चाहिए,,