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Thursday, December 18, 2025

दिल में दिल से रखो

अगर 
दिल में रखो तो 
दिल से रखो, 

मगर 
दिल रखने के लिए 
किसी का दिल ना रखो,,

सब सही होगा

देर लगेगी मगर 
सब सही होगा 

जो तुम्हें चाहिए 
वही होगा दिन 

बुरे हैं जिंदगी नहीं 

इसलिए 
सब्र रखो 
सब सही होगा


जान जान नहीं होता

जान कहने से कोई 
जान नहीं होता 

कोई कह भी दे तो 
कोई नुकसान नहीं होता 

और यह तो मैं हूं जिसने
छोड़ दिया तो‌ छौङ दिया 

वरना यह फैसला 
आसान नहीं होता

Wednesday, December 17, 2025

सर्दी, कोहरा और तुम

यह सर्दी का मौसम 
यह कोहरे का नजारा,

एक गिलास तुम्हारा 
एक गिलास हमारा,,


नई शुरुआत

चल फिर से 
शुरू से शुरू करते हैं, 

चल फिर से 
मैं तुझे मेरा नाम बताता हूं,,