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Tuesday, September 10, 2019

जिंदगी

हमारी जिंदगी का मैं हूँ ना कहने वाला शख्स
ना जाने उस वक्त कहाँ होता है,

जब उसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है !!

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गरीबी थी जो सबको एक आंचल में सुला देती थी,

अब अमीरी आ गई तो सबको अलग मक़ान चाहिए !!

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अपने वजूद पर इतना न इतरा ए ज़िन्दगी,

वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है !!

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इंसान ख्वाहिशो से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा है,

उम्मीदो से ही घायल है और
उम्मीदो पर ही जिन्दा है !!

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ऐ मौसम तु जितना चाहे बदल ले पर,

इन्साानो जैसे बदलने का हुनर
तुझमे कभी नहीं आयेगा !!

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Friday, September 6, 2019

सोच

समुद्र के किनारे जब एक लहर आयी तो एक बच्चे का चप्पल ही अपने साथ बहा ले गयीं|

बच्चा रेत पर अंगुली से लिखता है
"समुद्र चोर है"|

उसी समुद्र के एक दूसरे किनारे एक मछुआरा मछली पकड़ रहा होता है!

वह उसी रेत पर लिखता है
"समुद्र मेरा पालनहार है"|

एक युवक समुद्र में डूब कर मर जाता है|

उसकी मां रेत पर लिखती है
"समुद्र हत्यारा है"|

एक दूसरे किनारे एक गरीब बूढ़ा टेढ़ी कमर लिए रेत पर टहल रहा था|

उसे एक बड़े सीप में एक अनमोल मोती मिल गया|

वह रेत पर लिखता है
"समुद्र दानी है"|

अचानक एक बड़ी लहर आती है और
सारे लिखा मिटा कर चली जाती है|

लोग जो भी कहे समुद्र के बारे में
लेकिन विशाल समुद्र अपनी लहरों में मस्त रहता है|

अपने उफान और शांति वह अपने हिसाब से तय करता है|

    
अगर विशाल समुद्र बनना है तो
किसी के निर्णय पर अपना ध्यान ना दें|

जो करना है
अपने हिसाब से और विवेक से करें|

जो गुजर गया उसकी चिंता में ना रहे|

हार जीत, खोना पाना, सुख-दुख,
इन सबके चलते मन विचलित ना करें!

अगर जिंदगी सुख शांति से ही भरी होती तो आदमी जन्म लेते समय रोता नहीं|

जन्म के समय रोना और मरकर रुलाना इसी के बीच के संघर्ष भरे समय को जिंदगी कहते हैं|